नई संसद भवन -

नई संसद भवन -
नई संसद भवन का उद्घाटन 28 मई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया।


नए संसद भवन की आधारशिला पीएम मोदी ने 10 दिसंबर, 2020 को रखी थी. नए भवन को गुजरात की कंपनी एचसीपी की ओर से डिजाइन क‍िया है. इसमें लोकसभा कक्ष में 888 सदस्य और राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्य के बैठने की क्षमता है, संयुक्त सत्र के लिए लोकसभा हॉल में 1,272 सदस्य बैठ सकते हैं. इसे बनाने में तीन साल का समय लगा है।

नई संसद भवन की विशिष्टता -
नए संसद भवन को तिकोने आकार में डिजाइन किया गया है. इसकी लोकसभा में 888 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्यादा लोगों के बैठने का इंतजाम है. नई राज्‍यसभा में 384 सीटें हैं और विजिटर्स गैलरी में 336 से ज्‍यादा लोगों के बैठने की क्षमता है

नई संसद भवन की स्थिति -
नया संसद भवन पुनर्निर्मित सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है, जिसका निर्माण 2019 में शुरू हुआ था । नई दिल्ली में संसद मार्ग पर सेंट्रल विस्टा के केंद्र में स्थित, नया संसद भवन गर्व से पुराने संसद ढांचे से सटा हुआ है

नई संसद भवन में कुल कितने कमरे हैं -
त्रिभुजाकार वाले चार मंजिला संसद भवन का निर्मित क्षेत्र 64,500 वर्ग मीटर है. भवन के तीन मुख्य द्वार हैं- ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार. इसमें वीआईपी, सांसदों और आगंतुकों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार हैं. नया संसद भवन दिव्यांगों के अनुकूल होगा और मंत्रिपरिषद के इस्तेमाल के लिए करीब 92 कमरे होंगे.

नई संसद भवन के वास्तुकार -
बिमल हसमुख पटेल, जिनका जन्म 31 अगस्त 1961 को अहमदाबाद, गुजरात में हुआ था, एक वास्तुकार, शहरी और शिक्षाविद हैं और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत आने वाले नए संसद भवन के पीछे भी दिमाग है

नई संसद भवन की जरूरत क्यों है -
वर्तमान में, लोकसभा में निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा भरी गई 543 सीटें हैं।बढ़ती जनसंख्य को देखते हुए भविष्य में संसदो की सांख्य भी बढेगी इस्लिये नई संसद भवन की आवाज परी।

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